नवग्रह शांति यज्ञ - Online

नवग्रह शांति यज्ञ

नवग्रह शांति यज्ञ जैसा कि नाम से ही प्रतित हो रहा है यह नव ग्रह यज्ञ, ग्रहो की प्रतिकूलता से पीड़ित व्यक्ति को उसके प्रतिकूल ग्रह शांति के लिए कराया जाता है।

Price : Rs 88,600

हमारे जीवन में जो भी अच्छा या बुरा हो रहा होता है उसके पीछे ग्रहों की स्थिति के एक बड़ा कारण है। इन तमाम उतार चढावों को रोकने के लिये और ग्रह को शांत करने के लिये ग्रंथों में नवग्रह पूजा करने का विधान है। जन्म कुंडली के 12 घरों में स्तिथि नौ ग्रहों की अच्छी-बुरी स्थिति का असर प्रत्येक मनुष्य पर पड़ता है।

हवन अथवा यज्ञ हिन्दू धर्म में शुद्धीकरण का एक कर्मकांड है। हवन कुंड में अग्नि प्रज्वलित करने के पश्चात्‌ इस पवित्र अग्नि में फल, शहद, घी, काष्ठ इत्यादि पदार्थों की आहुति प्रमुख होती है। प्रत्येक मनुष्य के जीवन में नवग्रहों का असर पड़ता है। नवग्रह शान्ति पूजन यज्ञ नवग्रहों की समिधा (लकड़ी) से ही किया जाता है।

नवग्रह शान्ति पूजन यज्ञ के लिये समिधा :-

सूर्य की समिधा   : मदार
चन्द्रमा की समिधा   : पलाश
मंगल की समिधा   : खैर
बुध की समिधा   : चिड़चिड़ा
बृहस्पति की समिधा   : पीपल
शुक्र की समिधा   : गूलर
शनि की समिधा   : शमी
राहु की समिधा   : दूर्वा
केतु की समिधा   : कुशा

Online पूजा विवरण

  1. यह पूजा उन लोगों के लिये है, जो अपने या अपने परिवार के “खुशहाली, सौभाग्य, सुख-शांति,मनोकामना-पूर्ति एवं आदि” के लिये पूजा-पाठ करना या करवाना चाहते तो हैं, पर उनके पास किसी कारण वश समय का अभाव है, या वो किसी कारण से तीर्थ पूजा स्थल पर पहुंचने में असमर्थ हैं
  2. ऐसे लोगों के लिये पौराणिक काल से हल/समाधान उपलब्ध है, जैसे पुराने समय में राजा-महाराजा किया करते थे, उनके नाम से उनके गुरु/पंडित जी पुरी पूजा पाठ और यज्ञ किया करते थे।और इस तरह पूजा करके उनको इस पूजा का समस्त लाभ मिलता था, इससे उनके धन की और समय की बचत होती थी।
  3. उसी की तर्ज़ पर हम सभी को सनातन धर्म से जोड़े रखने के लिये उन सभी लोगों के लिये यह प्रकिया द्वारा पूजा कराते हैं, जो सनातन धर्म से जुड़े तो रहना चाहते हैं पर उनके पास किसी कारण वश समय का अभाव है। या वो किसी कारण से तीर्थ पूजा स्थल पर पहुंचने में असमर्थ हैं।“यह पूजा भी उनके द्वारा की गई पूजा की तरह समस्त लाभ प्रदान करती है”।
  4. इसमे पूजा करने वाले या जिसके लिये पूजा करनी है, उसके लिये निम्नलिखित जानकारीयां चाहिए होती हैं।
  • उस व्यक्ति का नाम
  • पिता का नाम
  • जन्मतिथि
  • जन्मस्थान
  • उद्देश्य (जिस उद्देश्य के लिये पूजा करनी है)
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यह सेवा सिर्फ “धर्मनगरी-हरिद्वार” में उपलब्ध है।

  • मोक्षप्रदा पतित-पावनी माँ श्री गंगा जी की धरती व देवभूमि के द्वार हरिद्वार की पावन धरा पर हम आपको पूजा-पाठ, दान-पुण्य एवं तीर्थयात्रा करने की समस्त सुविधाएं व सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं।
  • धर्मनगरी हरिद्वार में किये गये पूजा-पाठ, दान-पुण्य का सर्वाधिक और अलौकिक लाभ व्यक्ति को मिलता है।
  • पुराणों और शास्त्रों के अनुसार धर्मनगरी हरिद्वार को ही पूजा-पाठ, दान-पुण्य करने के लिए सबसे सर्वश्रेष्ठ, महत्वपूर्ण, उत्तम एवं उपयुक्त तीर्थ-स्थान माना गया है, एवं चारधाम तीर्थयात्रा तो होती ही शुरू “धर्मनगरी हरिद्वार” से है।
  • पुराणों व शास्त्रों में कहा गया है कि व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक बार हरिद्वार जा के गंगा स्नान कर पूजा-पाठ व दान पुण्य करना चाहिये, क्योंकि इससे व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। हरिद्वार को “मोक्ष का द्वार” भी कहा जाता है।
  • धर्मनगरी हरिद्वार भगवान शिव जी, भगवान विष्णु जी और माँ श्री गंगा जी की भूमि है, इसलिये इसको “देवताओं का प्रवेश द्वार” कहते हैं।

नवग्रह शांति यज्ञ प्रक्रिया विवरण :-

इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवस्था और पवित्र प्रसाद में शामिल निम्नलिखित हैं :-

चैरिटी : Rs. 88,600/Couple/Head

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