विष्णु यज्ञ
ग्रहस्थ जीवन की समस्त समस्याओं का नाश कर व्यक्ति विशेष (यज्ञ करने वाला व्यक्ति) को ग्रहस्थ जीवन का सम्पूर्ण फल एवं लाभ लेने के लिये इस यज्ञ को किया जाता है। विष्णु यज्ञ हिन्दू धर्म में किया जाने वाला एक धार्मिक अनुष्ठान है।
ग्रहस्थ जीवन की समस्त समस्याओं का नाश कर व्यक्ति विशेष (यज्ञ करने वाला व्यक्ति) को ग्रहस्थ जीवन का सम्पूर्ण फल एवं लाभ लेने के लिये इस यज्ञ को किया जाता है। विष्णु यज्ञ हिन्दू धर्म में किया जाने वाला एक धार्मिक अनुष्ठान है।
यह यज्ञ तीन प्रकार का होता है-
विष्णुयज्ञ
महाविष्णुयज्ञ
अतिविष्णुयज्ञ
विष्णु यज्ञ 5-7-8 या 9 दिन में होता है। महाविष्णु यज्ञ 9 दिन में और अतिविष्णु यज्ञ 9 दिन में या 11 दिन में होता है। विष्णु यज्ञ में 16, महाविष्णु यज्ञ में 41 विद्वान होते हैं। अतिविष्णु यज्ञ में 61 या 71 विद्वान होते हैं। विष्णु यज्ञ में हवन सामग्री 11 मन, महाविष्णु यज्ञ में 21 मन और अतिविष्णु यज्ञ में 55 मन लगता है।
यह सेवा सिर्फ “धर्मनगरी-हरिद्वार” में उपलब्ध है।
- मोक्षप्रदा पतित-पावनी माँ श्री गंगा जी की धरती व देवभूमि के द्वार हरिद्वार की पावन धरा पर हम आपको पूजा-पाठ, दान-पुण्य एवं तीर्थयात्रा करने की समस्त सुविधाएं व सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं।
- धर्मनगरी हरिद्वार में किये गये पूजा-पाठ, दान-पुण्य का सर्वाधिक और अलौकिक लाभ व्यक्ति को मिलता है।
- पुराणों और शास्त्रों के अनुसार धर्मनगरी हरिद्वार को ही पूजा-पाठ, दान-पुण्य करने के लिए सबसे सर्वश्रेष्ठ, महत्वपूर्ण, उत्तम एवं उपयुक्त तीर्थ-स्थान माना गया है, एवं चारधाम तीर्थयात्रा तो होती ही शुरू “धर्मनगरी हरिद्वार” से है।
- पुराणों व शास्त्रों में कहा गया है कि व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक बार हरिद्वार जा के गंगा स्नान कर पूजा-पाठ व दान पुण्य करना चाहिये, क्योंकि इससे व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। हरिद्वार को “मोक्ष का द्वार” भी कहा जाता है।
- धर्मनगरी हरिद्वार भगवान शिव जी, भगवान विष्णु जी और माँ श्री गंगा जी की भूमि है, इसलिये इसको “देवताओं का प्रवेश द्वार” कहते हैं।
- ग्रहस्थ सुख के लिये।
- पित्र दोष निवारण के लिये।
- वंश वृद्धि के लिये।
- स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति के लिये।
विष्णु यज्ञ प्रक्रिया विवरण :-
- यज्ञ के लिये दिनों की कुल संख्या : 11 no.
- यज्ञ के लिये पंडितों की कुल संख्या : 5 no.
चैरिटी : Rs. 1,69,800/Couple/Head
- यज्ञ के लिये समस्त पूजन सामग्री : Rs. 51000 (प्रथम दिन) + 500/पंडित/दिन
- यज्ञ के लिये प्रत्येक पंडित को दक्षिणा : Rs. 1100/पंडित/दिन
- यज्ञ के लिये एक दिन का यज्ञशाला के लिये दान : Rs. 2100/दिनदिन (Optional)
- इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवस्था और पवित्र प्रसाद : Rs. 5100/दिन




