

प्रेम, भक्ति और करुणा के स्वरूप श्री कृष्ण भगवान की सम्पूर्ण आरती
भगवान श्री कृष्ण को प्रेम, करुणा, भक्ति, ज्ञान और धर्म के स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। श्री कृष्ण भगवान की आरती करने से भक्त उनके दिव्य स्वरूप का स्मरण करते हैं और अपने जीवन में शांति, भक्ति तथा सकारात्मकता की कामना करते हैं।
श्री कृष्ण जी की आरती में भगवान के मनमोहक स्वरूप, उनकी मधुर मुस्कान, मुरली, मोर मुकुट, पीताम्बर और भक्तों के प्रति उनकी करुणा का वर्णन किया गया है। यह आरती भगवान श्री कृष्ण के प्रति प्रेम, श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त करती है तथा भक्त को उनके दिव्य स्वरूप का स्मरण करने की प्रेरणा देती है।
प्रातःकाल और संध्या समय श्री कृष्ण जी की आरती करना भक्तिपूर्ण परंपरा में विशेष माना जाता है। इसके अतिरिक्त जन्माष्टमी, बुधवार, किसी धार्मिक उत्सव, पूजा या शुभ अवसर पर भी भगवान श्री कृष्ण की आरती श्रद्धा और भक्ति के साथ की जा सकती है।