
पितृ दोष शांति, पूर्वजों की कृपा एवं परिवार सुख प्राप्त
पितृ दोष शांति, पूर्वजों की कृपा एवं परिवार सुख प्राप्त होगा
यह विशेष पूजा आपकी मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए की जाती है। श्रद्धा एवं आवश्यकता अनुसार पूजा का चयन करें। पूजा के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा, शांति और आध्यात्मिक संतुलन की प्राप्ति होती है। यह पूजा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने में सहायक मानी जाती है। अपनी मनोकामना के अनुसार उपयुक्त पूजा का चयन कर श्रद्धापूर्वक संकल्प करें। श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा करने से मन को शांति एवं सकारात्मकता का अनुभव होता है।
अब तक 3,00,000+ भक्तों ने मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओं में भाग ले चुके हैं
त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा एवं पितृ शांति अनुष्ठान विशेष रूप से पितृ दोष शांति, असंतुष्ट पूर्वजों की आत्मा की शांति तथा परिवार में आ रही अदृश्य बाधाओं के निवारण हेतु किया जाने वाला पावन वैदिक अनुष्ठान है। यह पूजा उन लोगों के लिए कराई जाती है जो जीवन में निरंतर रुकावट, मानसिक तनाव, पारिवारिक अशांति, संतान कष्ट, आर्थिक परेशानी अथवा बार-बार असफलता जैसी परिस्थितियों का अनुभव कर रहे हों।
सनातन परंपरा में त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने, पितरों को तृप्त करने तथा their blessings प्राप्त करने हेतु अत्यंत महत्त्वपूर्ण मानी जाती है। इस अनुष्ठान में तीन पिंडों के माध्यम से पितरों का स्मरण, तर्पण एवं शांति प्रार्थना की जाती है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि और संतुलन स्थापित हो।
इस पावन अनुष्ठान में पितृ संकल्प, श्राद्ध विधि, तर्पण, वैदिक मंत्रोच्चार, हवन एवं मंगल प्रार्थना संपन्न कराई जाती है। अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा विधि-विधान से यह पूजा कराई जाती है, जिससे परिवार में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और प्रगति के मार्ग प्रशस्त हों।
त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा एवं पितृ शांति अनुष्ठान विशेष रूप से पितृ दोष निवारण, पूर्वजों की कृपा प्राप्ति, वंश कल्याण, गृह शांति तथा जीवन की बाधाओं से राहत हेतु कराया जाता है। अनेक श्रद्धालु इसे परिवार सुख, संतान उन्नति एवं मनोकामना पूर्ति हेतु कराते हैं।
यदि आप घर बैठे त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा एवं पितृ शांति अनुष्ठान कराना चाहते हैं, तो यह सेवा आपको पावन धर्मनगरी हरिद्वार से जुड़ने का अवसर प्रदान करती है। यह अनुष्ठान व्यक्तिगत, दंपति, परिवार अथवा विशेष संकल्प अनुसार कराया जा सकता है।
इस पूजा में शामिल हैं
नाम, गोत्र एवं मनोकामना अनुसार विधिवत संकल्प लेकर पितरों की शांति, परिवार कल्याण एवं पितृ दोष निवारण हेतु पूजन किया जाएगा।
अनुभवी वैदिक आचार्यों द्वारा वैदिक रीति-विधान से तीन पिंडों के माध्यम से पितृ देव तृप्ति एवं शांति हेतु त्रिपिंडी श्राद्ध अनुष्ठान संपन्न किया जाएगा।
पूर्वजों की आत्मिक शांति, कृपा एवं परिवार मंगल हेतु तर्पण तथा वैदिक मंत्रोच्चार किया जाएगा।
वैदिक रीति-विधान से हवन कर बाधा निवारण, गृह शांति, वंश कल्याण एवं मनोकामना सिद्धि की प्रार्थना की जाएगी।
अनुष्ठान पूर्ण होने पर परिवार सुख, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की जाएगी।
श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम / लाइव वीडियो कॉल द्वारा अनुष्ठान से जुड़ सकते हैं तथा अपने परिवारजनों को भी सम्मिलित कर सकते हैं।
अनुष्ठान उपरांत प्रसाद एवं गंगाजल श्रद्धापूर्वक आपके पते पर भेजा जाएगा।




त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा एवं पितृ शांति अनुष्ठान सेवा विशेष रूप से केवल नारायणी शिला मंदिर की पावन भूमि पर संपन्न कराई जाती है। यह प्राचीन एवं पूजनीय मंदिर हरिद्वार के मायापुर क्षेत्र में स्थित है, जो पितृ कर्म, तर्पण, श्राद्ध एवं पितृदोष निवारण अनुष्ठानों के लिए देशभर में प्रसिद्ध माना जाता है।
नारायणी शिला मंदिर का पौराणिक महत्त्व अत्यंत विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहाँ स्थापित दिव्य शिला पर भगवान विष्णु का आशीर्वाद माना जाता है, इसलिए यह स्थान पितरों की शांति एवं मोक्ष कामना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
माँ गंगा नदी की पावन धरा हरिद्वार में स्थित यह मंदिर देवभूमि की आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण माना जाता है। इसलिए त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा एवं पितृ शांति अनुष्ठान हेतु यह स्थल अत्यंत पुण्यदायक, श्रद्धेय और फलदायी माना जाता है।
मोक्षदायिनी एवं पतित-पावनी "माँ श्री गंगा जी" के पावन तट पर स्थित हरिद्वार को पूजा-पाठ, दान-पुण्य, जप, तप, हवन एवं धार्मिक अनुष्ठानों हेतु अत्यंत श्रेष्ठ तीर्थभूमि माना गया है।
पुराणों एवं शास्त्रों में वर्णित है कि व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक बार "हरिद्वार" आकर गंगा स्नान, पूजा-पाठ एवं दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए, क्योंकि इससे आत्मशुद्धि, पाप क्षय और मोक्ष मार्ग की प्राप्ति की मान्यता है। इसी कारण हरिद्वार को "मोक्ष का द्वार" भी कहा जाता है।
हरिद्वार भगवान शिव जी, भगवान विष्णु जी और माँ श्री गंगा जी की संयुक्त कृपा से पूजनीय भूमि मानी जाती है, इसलिए इसे देवताओं का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। चारधाम यात्रा का प्रमुख प्रारंभिक तीर्थ भी हरिद्वार ही माना जाता है।
वैदिक ऊर्जा, आध्यात्मिक वातावरण और पावन महिमा से युक्त इसी दिव्य भूमि पर त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा एवं पितृ शांति अनुष्ठान पूर्ण श्रद्धा, नियम और शास्त्रसम्मत विधि से संपन्न कराई जाती है।
"BhaktiSense.com", धार्मिक ट्रस्ट "उमा महेश्वर सेवा ट्रस्ट" द्वारा संचालित मंच है, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को हरिद्वार की पावन भूमि पर पूजा, यज्ञ, दान-पुण्य एवं तीर्थ सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
जानिए प्रिय भक्तों का BhaktiSense के बारे में क्या कहना है!
जिन भक्तों ने हमारे साथ पूजा बुक की उनका अनुभव जाने

गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश
BhaktiSense के माध्यम से हमारे परिवार की पूजा अत्यंत दिव्य और शांतिपूर्ण रही। सभी विधियां पूरी श्रद्धा से सम्पन्न हुईं।

हरिद्वार, उत्तराखंड
BhaktiSense की सेवा और पूजा व्यवस्था अत्यंत शानदार और भक्तिमय रही।

पेंसिल्वेनिया, अमेरिका
विदेश में रहते हुए भी BhaktiSense ने हमें अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़े रखा।