
नवग्रहों की सामूहिक कृपा
नवग्रहों की सामूहिक कृपा एवं ग्रह अनुकूलता प्राप्त होगी
यह विशेष पूजा आपकी मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए की जाती है। श्रद्धा एवं आवश्यकता अनुसार पूजा का चयन करें। पूजा के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा, शांति और आध्यात्मिक संतुलन की प्राप्ति होती है। यह पूजा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने में सहायक मानी जाती है। अपनी मनोकामना के अनुसार उपयुक्त पूजा का चयन कर श्रद्धापूर्वक संकल्प करें। श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा करने से मन को शांति एवं सकारात्मकता का अनुभव होता है।
अब तक 3,00,000+ भक्तों ने मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओं में भाग ले चुके हैं
नवग्रह शांति पूजा जन्मकुंडली में ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति, जीवन में बाधाओं, मानसिक अशांति तथा विभिन्न प्रकार की कठिन परिस्थितियों के निवारण हेतु किया जाने वाला पावन वैदिक अनुष्ठान माना जाता है। सनातन ज्योतिष परंपरा में नवग्रह अर्थात सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु का जीवन पर विशेष प्रभाव माना गया है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जब ग्रह अशुभ, दुर्बल या प्रतिकूल स्थिति में होते हैं, तब व्यक्ति को कार्यों में विलंब, मानसिक तनाव, आर्थिक रुकावट, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ, पारिवारिक असंतुलन अथवा निर्णयों में कठिनाई जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में नवग्रह शांति पूजा शुभ मानी जाती है।
यह पूजा कुंडली अनुसार ग्रह शांति, सकारात्मक ऊर्जा, भाग्य अनुकूलता, कार्य सिद्धि तथा जीवन में संतुलन की कामना से कराई जाती है। श्रद्धापूर्वक संकल्प लेकर किया गया यह अनुष्ठान ग्रह दोष शमन हेतु विशेष महत्त्व रखता है।
यदि आप घर बैठे नवग्रह शांति पूजा कराना चाहते हैं, तो यह सेवा आपको पावन धर्मनगरी हरिद्वार से जुड़ने का अवसर प्रदान करती है। यह पूजा व्यक्तिगत, दंपति, परिवार अथवा विशेष संकल्प अनुसार कराई जा सकती है।
नाम, गोत्र एवं मनोकामना अनुसार विधिवत संकल्प लेकर नवग्रह पूजन किया जाएगा।
नवग्रह शांति मंत्रों एवं वैदिक स्तोत्रों द्वारा ग्रह आराधना की जाएगी।
वैदिक रीति से यज्ञ अग्नि में आहुति देकर ग्रह शांति एवं मंगल फल की प्रार्थना की जाएगी।
पूजन उपरांत प्रसाद एवं हरिद्वार से पवित्र गंगाजल श्रद्धापूर्वक आपके पते पर भेजा जाएगा।




नवग्रह शांति पूजा सेवा विशेष रूप से केवल धर्मनगरी हरिद्वार की पावन भूमि पर संपन्न कराई जाती है। हरिद्वार, उत्तराखंड सनातन धर्म के प्रमुख एवं प्राचीन तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है, जिसे माँ गंगा जी की धरती, देवभूमि का द्वार और मोक्षप्रदा नगरी के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है।
मोक्षदायिनी एवं पतित-पावनी माँ श्री गंगा जी के पावन तट पर स्थित हरिद्वार को पूजा-पाठ, दान-पुण्य, जप, तप, हवन एवं धार्मिक अनुष्ठानों हेतु अत्यंत श्रेष्ठ तीर्थभूमि माना गया है। सनातन मान्यताओं के अनुसार इस पावन तीर्थक्षेत्र में श्रद्धापूर्वक किया गया पूजा-पाठ, दान-पुण्य एवं यज्ञ कर्म सामान्य स्थानों की अपेक्षा अनेक गुना अधिक विशेष पुण्यफल प्रदान करने वाला माना जाता है।
पुराणों एवं शास्त्रों में वर्णित है कि व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक बार हरिद्वार आकर गंगा स्नान, पूजा-पाठ एवं दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए, क्योंकि इससे आत्मशुद्धि, पाप क्षय और मोक्ष मार्ग की प्राप्ति की मान्यता है। इसी कारण हरिद्वार को मोक्ष का द्वार भी कहा जाता है।
हरिद्वार भगवान शिव जी, भगवान विष्णु जी और माँ श्री गंगा जी की संयुक्त कृपा से पूजनीय भूमि मानी जाती है, इसलिए इसे देवताओं का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। चारधाम यात्रा का प्रमुख प्रारंभिक तीर्थ भी हरिद्वार ही माना जाता है।
वैदिक ऊर्जा, आध्यात्मिक वातावरण और पावन महिमा से युक्त इसी दिव्य भूमि पर नवग्रह शांति पूजा पूर्ण श्रद्धा, नियम और शास्त्रसम्मत विधि से संपन्न कराई जाती है।
BhaktiSense.com, धार्मिक ट्रस्ट उमा महेश्वर सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित मंच है, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को हरिद्वार की इसी पावन भूमि पर पूजा, यज्ञ, दान-पुण्य एवं तीर्थ सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
जानिए प्रिय भक्तों का BhaktiSense के बारे में क्या कहना है!
जिन भक्तों ने हमारे साथ पूजा बुक की उनका अनुभव जाने

गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश
BhaktiSense के माध्यम से हमारे परिवार की पूजा अत्यंत दिव्य और शांतिपूर्ण रही। सभी विधियां पूरी श्रद्धा से सम्पन्न हुईं।

हरिद्वार, उत्तराखंड
BhaktiSense की सेवा और पूजा व्यवस्था अत्यंत शानदार और भक्तिमय रही।

पेंसिल्वेनिया, अमेरिका
विदेश में रहते हुए भी BhaktiSense ने हमें अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़े रखा।