
LIVEपितरों की तृप्ति, आत्मिक शांति और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होगा |
यह विशेष पूजा आपकी मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए की जाती है। श्रद्धा एवं आवश्यकता अनुसार पूजा का चयन करें। पूजा के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा, शांति और आध्यात्मिक संतुलन की प्राप्ति होती है। यह पूजा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने में सहायक मानी जाती है। अपनी मनोकामना के अनुसार उपयुक्त पूजा का चयन कर श्रद्धापूर्वक संकल्प करें। श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा करने से मन को शांति एवं सकारात्मकता का अनुभव होता है।
अब तक 3,00,000+ भक्तों ने मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओं में भाग ले चुके हैं
इस पूजा में शामिल हैं:
पितृ संकल्प एवं गोत्र उच्चारण
आपके नाम, गोत्र (यदि उपलब्ध हो), पितरों के नाम एवं विशेष मनोकामना अनुसार विधिवत संकल्प लेकर श्रद्धापूर्वक पितृ कर्म प्रारंभ किया जाएगा।
पितृ पिंडदान विधि
तिल, चावल, कुश एवं पवित्र सामग्री के माध्यम से शास्त्रसम्मत विधि अनुसार पितरों के निमित्त श्रद्धापूर्वक "पिंडदान" संपन्न कराया जाएगा।
तिल, कुश एवं पवित्र जल द्वारा तर्पण
मंत्रोच्चार के साथ तिल, कुश एवं पवित्र जल द्वारा पितरों की तृप्ति, आत्मिक शांति एवं दिव्य आशीर्वाद की कामना से विधिवत "तर्पण" संपन्न कराया जाएगा।
चारधाम का दुर्लभ पुण्यफल प्राप्त होगा
भारत के पावन चारधामों में से एक "श्री बद्रीनाथ धाम" के पवित्र "ब्रह्मकपाल" में संपन्न यह दिव्य अनुष्ठान विशेष आध्यात्मिक संतोष, दुर्लभ पुण्यफल तथा अपने पूर्वजों के प्रति सनातन कर्तव्य पूर्ण करने का आत्मिक सुख प्रदान करता है।



इच्छानुसार आप स्वयं उपस्थित होकर भी पूजा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं (पूर्व व्यवस्था अनुसार)।
यदि आप अपनी इच्छा अनुसार विशेष संकल्प, अतिरिक्त धार्मिक व्यवस्था, विशेष तिथि, परिवार सम्मिलन या अन्य व्यक्तिगत आध्यात्मिक अनुरोध करवाना चाहते हैं, तो हमारे द्वारा विशेष अनुरोध पूजा विकल्प भी उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें आपकी आवश्यकता अनुसार पूजा व्यवस्था की जाती है।

भारत के पावन चारधामों में सम्मिलित श्री बद्रीनाथ धाम सनातन धर्म के सबसे दिव्य, पूजनीय और मोक्षप्रद तीर्थों में से एक माना जाता है। हिमालय की दिव्य गोद में स्थित श्री बद्रीनाथ धाम वह पावन तपोभूमि है जहाँ स्वयं भगवान श्री हरि नारायण अनादि काल से भक्तों पर अपनी कृपा बरसा रहे हैं तथा करोड़ों श्रद्धालु जीवन में कम से कम एक बार इस दिव्य धाम के दर्शन और पूजा का सौभाग्य प्राप्त करने की कामना रखते हैं।
श्री बद्रीनाथ धाम की एक अत्यंत अद्भुत और दिव्य परंपरा यह है कि इस पावन धाम के कपाट प्रत्येक वर्ष केवल छः माह के लिए मानव समाज हेतु खोले जाते हैं, जहाँ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन, पूजा, अर्चना और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
सनातन मान्यता के अनुसार जब शीतकाल में श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट अगले छः माह के लिए बंद हो जाते हैं, तब स्वयं देवऋषि नारद जी इस दिव्य धाम में भगवान श्री हरि नारायण की पूजा, स्तुति, जप और आराधना करते हैं। यही दिव्य परंपरा श्री बद्रीनाथ धाम को केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि देवताओं द्वारा पूजित जीवंत दिव्य धाम के रूप में विशेष आध्यात्मिक महिमा प्रदान करती है।
पुराणों में वर्णित है कि इसी पावन बद्री क्षेत्र में भगवान श्री नारायण ने कठोर तप किया तथा माँ लक्ष्मी जी ने बद्री वृक्ष के स्वरूप में भगवान की सेवा और रक्षा की। इसी कारण श्रद्धापूर्वक श्री बद्रीनाथ धाम में किया गया पूजा-पाठ, संकल्प, जप और वैदिक अनुष्ठान सामान्य स्थानों की अपेक्षा अत्यंत विशेष, प्रभावशाली और दुर्लभ पुण्यफल प्रदान करने वाला माना जाता है।
BhaktiSense के माध्यम से आपकी पितृ पिंडदान एवं तर्पण पूजा इसी पावन श्री बद्रीनाथ धाम में अनुभवी पुश्तैनी वैदिक पंडितों द्वारा पूर्ण श्रद्धा, नियम और शास्त्रसम्मत विधि से संपन्न कराई जाती है, ताकि आप घर बैठे भी श्री बद्रीनाथ धाम की दिव्यता से जुड़ सकें।
जानिए प्रिय भक्तों का BhaktiSense के बारे में क्या कहना है!
जिन भक्तों ने हमारे साथ पूजा बुक की उनका अनुभव जाने

गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश
BhaktiSense के माध्यम से हमारे परिवार की पूजा अत्यंत दिव्य और शांतिपूर्ण रही। सभी विधियां पूरी श्रद्धा से सम्पन्न हुईं।

हरिद्वार, उत्तराखंड
BhaktiSense की सेवा और पूजा व्यवस्था अत्यंत शानदार और भक्तिमय रही।

पेंसिल्वेनिया, अमेरिका
विदेश में रहते हुए भी BhaktiSense ने हमें अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़े रखा।