
LIVEभगवान बद्री विशाल, भगवान श्री हरि नारायण एवं भगवान श्री कृष्ण जी की विशेष कृपा प्राप्त होगी
यह विशेष पूजा आपकी मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए की जाती है। श्रद्धा एवं आवश्यकता अनुसार पूजा का चयन करें। पूजा के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा, शांति और आध्यात्मिक संतुलन की प्राप्ति होती है। यह पूजा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने में सहायक मानी जाती है। अपनी मनोकामना के अनुसार उपयुक्त पूजा का चयन कर श्रद्धापूर्वक संकल्प करें। श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा करने से मन को शांति एवं सकारात्मकता का अनुभव होता है।
अब तक 3,00,000+ भक्तों ने मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओं में भाग ले चुके हैं
श्री बद्रीनाथ धाम में करें श्रीमद्भागवत पाठ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि स्वयं भगवान श्री हरि नारायण की दिव्य कृपा, भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना से जुड़ने का अत्यंत पावन अवसर माना जाता है। श्री बद्रीनाथ धाम, जो भारत के पावन चारधाम तीर्थों में से एक है, भगवान श्री विष्णु को समर्पित सनातन धर्म के सबसे दिव्य, प्रभावशाली और मोक्षप्रद तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है, जहाँ अनादि काल से ऋषि, मुनि, संत और करोड़ों श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल की आराधना करते आए हैं।
श्रीमद्भागवत महापुराण सनातन धर्म के सबसे पूजनीय, दिव्य और कल्याणकारी महापुराणों में से एक माना जाता है। इसमें भगवान श्री विष्णु, भगवान श्री कृष्ण तथा सनातन धर्म की दिव्य लीलाओं, भक्ति, ज्ञान, धर्म और मोक्ष का अद्भुत वर्णन मिलता है। श्रद्धापूर्वक किया गया श्रीमद्भागवत पाठ जीवन में आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति, परिवार कल्याण, पितृ कृपा, सकारात्मक ऊर्जा तथा भगवान श्री हरि नारायण की विशेष कृपा प्राप्त करने हेतु अत्यंत शुभ माना जाता है।
यह पावन अनुष्ठान परंपरागत रूप से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत पाठ के रूप में अनुभवी पुश्तैनी वैदिक पंडितों द्वारा पूर्ण श्रद्धा, नियम और शास्त्रसम्मत विधि से संपन्न कराया जाता है। पाठ प्रारंभ करने से पूर्व श्रद्धालु के नाम, गोत्र (यदि उपलब्ध हो), परिवार विवरण तथा विशेष मनोकामना के अनुसार विधिवत संकल्प लिया जाता है।
जब आपका श्रीमद्भागवत पाठ स्वयं श्री बद्रीनाथ धाम जैसी दिव्य तपोभूमि में संपन्न होता है, तब यह केवल एक पाठ नहीं रहता, बल्कि चारधाम की दिव्य ऊर्जा, भगवान श्री हरि नारायण की कृपा और जीवनभर स्मरण रहने वाला आध्यात्मिक अनुभव बन जाता है।
यदि आप घर बैठे बद्रीनाथ धाम में श्रीमद्भागवत पाठ कराना चाहते हैं, तो यह सेवा आपको भारत के पावन चारधामों में से एक श्री बद्रीनाथ धाम की दिव्य ऊर्जा, भगवान बद्री विशाल की कृपा तथा इस पवित्र तपोभूमि से जुड़ने का दुर्लभ अवसर प्रदान करती है। यह पाठ व्यक्तिगत, दंपति अथवा परिवार के नाम से संकल्प अनुसार कराया जा सकता है।
इस पूजा में शामिल हैं:
श्रीमद्भागवत संकल्प एवं गोत्र उच्चारण
आपके नाम, गोत्र (यदि उपलब्ध हो), परिवार विवरण एवं विशेष मनोकामना अनुसार विधिवत संकल्प लेकर श्रद्धापूर्वक "श्रीमद्भागवत पाठ" प्रारंभ किया जाएगा।
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण पाठ
अनुभवी पुश्तैनी वैदिक पंडितों द्वारा शास्त्रसम्मत विधि, शुद्ध उच्चारण एवं पूर्ण श्रद्धा के साथ "सात दिनों" तक "श्रीमद्भागवत महापुराण" का पावन पाठ संपन्न किया जाएगा।
भगवान श्री हरि नारायण एवं भगवान श्री कृष्ण स्तुति
भगवान श्री हरि नारायण, भगवान श्री कृष्ण तथा सनातन धर्म की दिव्य लीलाओं, भक्ति और ज्ञान स्वरूप की कृपा प्राप्ति हेतु विशेष स्तुति, मंत्र जाप एवं मंगलमय प्रार्थना की जाएगी।
परिवार मंगल, आध्यात्मिक उन्नति एवं विशेष प्रार्थना
परिवार कल्याण, मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति, सकारात्मक ऊर्जा तथा जीवन में मंगलमय परिवर्तन की कामना से विशेष वैदिक प्रार्थना संपन्न की जाएगी।




भारत के पावन चारधामों में सम्मिलित श्री बद्रीनाथ धाम सनातन धर्म के सबसे दिव्य, पूजनीय और मोक्षप्रद तीर्थों में से एक माना जाता है। हिमालय की दिव्य गोद में स्थित श्री बद्रीनाथ धाम वह पावन तपोभूमि है जहाँ स्वयं भगवान श्री हरि नारायण अनादि काल से भक्तों पर अपनी कृपा बरसा रहे हैं तथा करोड़ों श्रद्धालु जीवन में कम से कम एक बार इस दिव्य धाम के दर्शन और पूजा का सौभाग्य प्राप्त करने की कामना रखते हैं।
श्री बद्रीनाथ धाम की एक अत्यंत अद्भुत और दिव्य परंपरा यह है कि इस पावन धाम के कपाट प्रत्येक वर्ष केवल छः माह के लिए मानव समाज हेतु खोले जाते हैं, जहाँ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शन, पूजा, अर्चना और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
सनातन मान्यता के अनुसार जब शीतकाल में श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट अगले छः माह के लिए बंद हो जाते हैं, तब स्वयं देवऋषि नारद जी इस दिव्य धाम में भगवान श्री हरि नारायण की पूजा, स्तुति, जप और आराधना करते हैं। यही दिव्य परंपरा श्री बद्रीनाथ धाम को केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि देवताओं द्वारा पूजित जीवंत दिव्य धाम के रूप में विशेष आध्यात्मिक महिमा प्रदान करती है।
पुराणों में वर्णित है कि इसी पावन बद्री क्षेत्र में भगवान श्री नारायण ने कठोर तप किया तथा माँ लक्ष्मी जी ने बद्री वृक्ष के स्वरूप में भगवान की सेवा और रक्षा की। इसी कारण श्रद्धापूर्वक श्री बद्रीनाथ धाम में किया गया पूजा-पाठ, संकल्प, जप और वैदिक अनुष्ठान सामान्य स्थानों की अपेक्षा अत्यंत विशेष, प्रभावशाली और दुर्लभ पुण्यफल प्रदान करने वाला माना जाता है।
BhaktiSense के माध्यम से आपकी श्रीमद्भागवत पाठ पूजा इसी पावन श्री बद्रीनाथ धाम में अनुभवी पुश्तैनी वैदिक पंडितों द्वारा पूर्ण श्रद्धा, नियम और शास्त्रसम्मत विधि से संपन्न कराई जाती है, ताकि आप घर बैठे भी श्री बद्रीनाथ धाम की दिव्यता से जुड़ सकें।
जानिए प्रिय भक्तों का BhaktiSense के बारे में क्या कहना है!
जिन भक्तों ने हमारे साथ पूजा बुक की उनका अनुभव जाने

गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश
BhaktiSense के माध्यम से हमारे परिवार की पूजा अत्यंत दिव्य और शांतिपूर्ण रही। सभी विधियां पूरी श्रद्धा से सम्पन्न हुईं।

हरिद्वार, उत्तराखंड
BhaktiSense की सेवा और पूजा व्यवस्था अत्यंत शानदार और भक्तिमय रही।

पेंसिल्वेनिया, अमेरिका
विदेश में रहते हुए भी BhaktiSense ने हमें अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़े रखा।